Movie prime

Narma Kapas Bhav: नए साल में कॉटन के दाम बढ़ने की संभावना, देखिए ताजा रिपोर्ट

 
Cotton Rate 2023,Mandi Bhav Today,Mandi Rate,Narma Bhav 2023,Narma ka Bhav Today,Narma Kapas Teji Mandi Report,Narma Teji Mandi,नरमा भाव 2023

देशभर की कृषि उपज मंडियों में नरमा कपास की आमदन में सुधार नहीं हो रहा, बल्कि हर रोज़ आवक में कटौती दर्ज की जा रही है, कम आवक के चलते लगातार पिछले चार कारोबारी दिनों से नरमा-कपास की कीमतों में तेज़ी देखने को मिल रही है। हालांकि इस हफ़्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को MCX कॉटन की क़ीमतों में जनवरी अनुबंध नहीं खुलने से निवेशक और व्यापारियों में डर का माहौल पैदा होने से बाजार में 6 फीसदी का लोअर सर्किट लगा था, वहीं हाज़िर मंडियों में एक दिन में 500 से 700 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आई थी। लेकिन उसके बाद बाजार सुधरा और अब बीते 4 दिनों से लगातार नरमा कपास भावों में सुधार देखने को मिल रहा है।

मंडियों में कपास की आवक घटी

देश की प्रमुख एग्रो कमोडिटी एजेंसी स्मार्ट इनफो के अनुसार शुक्रवार को देशभर की कपास मंडियों में करीब 90 हजार गांठों की आवक हुई। गुजरात में सर्वाधिक आवक हो रही थी, लेकिन अब इसमें भी लगभग 10 हजार गांठें कम होनी शुरू हो गई है। शुक्रवार को यहां 35 हजार गांठों की आवक हुई, लेकिन भाव यहां 1500 से 1720 रुपए प्रति 20 किलो के स्तर पर स्थिर रहा।

मध्य प्रदेश में कपास की आवकें मात्र 6 हजार गांठों की हो रही है और कच्चे कपास का भाव 7300 से 8200 के बीच बोला जा रहा है। महाराष्ट्र में कच्चे कपास की कीमतें 7200 से 8200 रुपये जबकि कर्नाटक में टॉप क्वालिटी कपास का भाव 8 हजार से 8100 के बीच चल रहा है।

नरमा कपास का हाजिर भाव

उत्तर भारत की मंडियों में सोमवार की गिरावट के बाद बीते 4 दिनों में नरमा और कपास की क़ीमतों में 500 से 700 रुपये का सुधार दर्ज किया जा चुका है ।

हरियाणा की आदमपुर मंडी में आज हफ्ते के आखरी कारोबारी दिन यानी शनिवार 31 दिसंबर को नरमा का भाव कल के मुक़ाबले 56 रुपए की तेज़ी के साथ 8427 रुपए, सिवानी मंडी में नरमा 8250 रुपये, कपास 10200 रुपये जबकि पंजाब की अबोहर मंडी में आज नरमा 85 रुपये की तेज़ी के साथ 8355 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक चुका है ।

2023 में कपास का भाव क्या रहेगा?

Cotton Rate 2023: आने वाले साल 2023 में कॉटन की कीमतों को लेकर जानकारों का कहना है कि मंडियों में नरमा-कपास बाजार में तेजी के लिए रूई की मांग में वृद्धि होना जरूरी है। सभी प्रकार के उद्योगों के पास नाममात्र भी स्टॉक नहीं है और कैरी फारवर्ड भी इस साल नाममात्र ही था। इसलिए उम्मीद की जा रही है कि नए साल में नरमा-कपास की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है।