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हरियाणा में किसानों की बढ़ी चिंता, 26 जुलाई के बाद तेज वर्षा का अलर्ट

 
हरियाणा में किसानों की बढ़ी चिंता, 26 जुलाई के बाद तेज वर्षा का अलर्ट

हरियाणा में 26 जुलाई के बाद फिर से कई इलाकों में तेज वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। इस अलर्ट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इसका कारण है कि पिछले दिनों हुई अत्यधिक वर्षा के चलते कई निचले क्षेत्रों में जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। यहां तक कि 24 घंटे से अधिक का समय बीतने के बावजूद किसानों के खेतों से पानी निकाला नहीं गया है। यही नहीं जलमग्न होकर फसलें पानी की डूबी हुई हैं और गल रही हैं। ऐसे में एक बार फिर से वर्षा आने की चेतावनी किसानों को परेशान कर रही है।

वर्षा का सबसे अधिक प्रभाव धान व कपास की फसल पर पड़ा है। कई स्थानों पर जब बिजाई देरी से की गई थी वह फसलें जलमग्न हो गईं और खराब हो गईं। ऐसे में मौसम विज्ञानियों ने आधे हरियाणा में तेज वर्षा तो आधे में मध्यम वर्षा को लेकर अलर्ट जारी किया है।

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डा मदन खिचड़ ने बताया कि मानसून टर्फ अब जैसलमेर, कोटा, गुना, जबलपुर, झारसूगुड़ा, चांदबाली होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है।

इसकी अक्षय रेखा का पश्चिमी सिरा सामान्य स्तिथि से दक्षिण की तरफ गया है जिससे राज्य में 26 जुलाई को कहीं कहीं हल्की बारिश की संभावना है। मगर आगामी दो दिन बाद मानसून टर्फ उत्तर की तरफ सामान्य स्तिथि में फिर से आने की संभावना है जिससे बंगाल की खाड़ी की तरफ से नमी वाली मानसूनी हवाओं की सक्रियता फिर से बढ़ने से हरियाणा राज्य में 26 जुलाई देर रात्रि के बाद बारिश की गतिविधियां एक बार फिर से बढ़ने की संभावना बन रही है जिससे राज्य में ज्यादातर क्षेत्रों में 27 से 30 जुलाई के दौरान अच्छी वर्षा की संभावना है मगर इस दौरान कुछ एक क्षेत्रों में तेज वर्षा की भी संभावना है।

देश भर में बने मौसमी सिस्टम

मॉनसून ट्रफ जैसलमेर, कोटा, जबलपुर, पेंड्रा रोड, झारसुगुडा, चांदबली से होते हुए दक्षिण पूर्व की ओर बंगाल की पूर्व मध्य खाड़ी की ओर जा रही है।

एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र उड़ीसा और छत्तीसगढ़ के आसपास के हिस्सों पर बना हुआ है। यह समुद्र तल से 7.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक है।

एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और इससे सटे कच्छ और दक्षिण पाकिस्तान के ऊपर बना हुआ है। इसके प्रभाव से अगले 24 से 48 घंटों में उसी क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो सकता है।

उत्तर दक्षिण ट्रफ रेखा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक से निचले स्तरों पर कोमोरिन क्षेत्र तक फैली हुई है।

पिछले 24 घंटों के दौरान देश भर में हुई मौसमी हलचल

पिछले 24 घंटों के दौरान, गुजरात क्षेत्र, दक्षिण राजस्थान, मध्य प्रदेश के कई हिस्सों, गंगीय पश्चिम बंगाल और मेघालय असम, और छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई।

छत्तीसगढ़ और मध्य महाराष्ट्र में हल्की से मध्यम बारिश एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हुई।

जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब के कुछ हिस्सों, शेष पूर्वोत्तर भारत, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, तेलंगाना के कुछ हिस्सों, तटीय कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में और पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक या दो स्थानों पर हल्की से मध्यम हुई है।

पंजाब, हरियाणा, पश्चिम उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पश्चिमी राजस्थान, सौराष्ट्र और कच्छ, आंतरिक कर्नाटक, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप के शेष हिस्सों में हल्की बारिश हुई।

अगले 24 घंटों के दौरान मौसम की संभावित गतिविधि

अगले 24 घंटों के दौरान, सौराष्ट्र और कच्छ में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।

दक्षिण राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों, ओडिशा और विदर्भ, कोंकण और गोवा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है और पूर्वोत्तर भारत में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक या दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और उत्तराखंड में एक या दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

हरियाणा, उत्तरी पंजाब, बिहार के कुछ हिस्सों, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, तटीय कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और गुजरात क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश संभव है।

उत्तर प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, लक्षद्वीप राजस्थान के शेष हिस्सों और दिल्ली एनसीआर में हल्की बारिश संभव है।