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हरियाणा में किसानों की बढ़ी चिंता, बदला मौसम का मिजाज, जानें मौसम पूर्वानुमान

Satbir Singh
22 Sep 2022 12:34 PM GMT
हरियाणा में किसानों की बढ़ी चिंता, बदला मौसम का मिजाज, जानें मौसम पूर्वानुमान
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हरियाणा में अगले दो तीन दिनों में 24 सितम्बर तक वर्षा की संभावना बन सकती है। इस दौरान बादलवाई भी देखने को मिलेगी। वहीं इसके बाद में सितंबर अंत में भी हरियाणा के उत्तर तथा दक्षिण व पश्चिमी जिलों में वर्षा की संभावना बनी है।

हिसार में बुधवार को एकाएक मौसम परिवर्तित हो गया था, अब वीरवार को भी वर्षा की संभावना बन रही है। सुबह के समय भी हल्की बूंदाबांदी होने से वातावरण ठंडा हो गया। वर्षा के कारण मौसम सुहाना हो गया तापमान में भी कमी आई है। वहीं एक दिन पहले हुई वर्षा से कई स्थानों पर जलजमाव की स्थिति बन गई। ऐसी स्थिति सिर्फ हिसार में ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों में भी बनती दिखाई दी।

कुछ स्थानों पर वर्षा भी दर्ज की गई। हिसार में रात्रि साढ़े आठ बजे तक 1.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। हिसार में दिन के समय अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम होकर 35.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं रात्रि तापमान भी एक डिग्री कम होकर 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष के अनुसार

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डा. मदन खिचड़ ने बताया कि सितम्बर अंत तक हरियाणा राज्य से भी मानसून की वापिसी होनी संभावित है। इसलिए तापमान में बढ़ोतरी तथा वातावरण में नमी की उपस्थिति के कारण गरज चमक के बादल बनने से कहीं कहीं बुंदाबांदी या हल्की वर्षा की संभावना बन जाती है।

अगले दो तीन दिनों में 24 सितम्बर तक बन सकती

ऐसी ही वर्षा की संभावना अगले दो तीन दिनों में 24 सितम्बर तक बन सकती है। इस दौरान बादलवाई भी देखने को मिलेगी। वहीं इसके बाद में सितंबर अंत में भी हरियाणा के उत्तर तथा दक्षिण व पश्चिमी जिलों में वर्षा की संभावना बनी है।

इस समय कैसे हुई वर्षा

इस समय वर्षा होने का सबसे बड़ा कारण मानसून की वापसी है। अभी राजस्थान की तरफ से मानसून की वापसी हो रही है इस कारण से समीप लगते हरियाणा में भी वर्षा की स्थिति बन गई। वहीं हरियाणा से मानसून की वापसी सितंबर के अंत में होने का अनुमान है।

देश भर में बने मौसमी सिस्टम

कम दबाव का क्षेत्र अब पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और दक्षिण उत्तर प्रदेश के आसपास के हिस्सों पर बना हुआ है। संबद्ध चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुक रहा है।

एक ट्रफ रेखा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से उत्तरी पंजाब तक उत्तरी ओडिशा, उत्तरी छत्तीसगढ़, पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण उत्तर प्रदेश और हरियाणा पर कम दबाव के क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण से होकर गुजर रही है।

पिछले 24 घंटों के दौरान देश भर में हुई मौसमी हलचल

पिछले 24 घंटों के दौरान, मध्य प्रदेश के कई हिस्सों, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तरी पंजाब और हरियाणा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई।

पूर्वोत्तर राजस्थान और आंतरिक ओडिशा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक या दो स्थानों पर भारी बारिश हुई।

दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश के शेष हिस्सों, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा के उत्तरी तट, पूर्वी असम, अरुणाचल प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और दमन में हल्की से मध्यम बारिश हुई।

बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वोत्तर भारत, तेलंगाना के कुछ हिस्सों, महाराष्ट्र, केरल और तटीय कर्नाटक में हल्की बारिश हुई।

अगले 24 घंटों के दौरान मौसम की संभावित गतिविधि

अगले 24 घंटों के दौरान, ईस्ट राजस्थान, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी भाग, मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।

सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, अंडमान और निकोबार द्वीप और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक या दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

शेष उत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, शेष उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, गंगीय पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, तटीय कर्नाटक, केरल के कुछ हिस्सों में और लक्षद्वीप में एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश संभव है।

Satbir Singh

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